” इंसान का जिस्म “

इंसान का जिस्म क्या है ?जिस पर इतराता है जहां ,बस एक मिट्टी की इमारत ,एक मिट्टी का मकां ,खून तो गारा है इसमेंऔर ईंटे है हड्डियां ,चंद सांसों पर खड़ा है ,यह ख्याली आसमां ,मौत की पुरजो़र आंधीइससे जब टकराएगी ,जितनी भी महंगी हो ये इमारतटूटकर बिखर जाएगी ।

“छोटा खोटा नहीं होता “

जरूरी नहीं आकार में छोटा जंतु कमजोर हो ,क्योंकि एक छोटी सी चींटी हाथी को कर देती है धराशाई ,जरूरी नहीं आकार में छोटा व्यक्ति कमजोर हो ,क्योंकि सचिन के बल्ले में असीम प्रतिभा है समाई ,लाल बहादुर शास्त्री जी ने नाटे होकर भीराजनीति में बनाई अलग पहचान ,छोटे कद का नेपोलियन बना सेनानायक महानContinue reading ““छोटा खोटा नहीं होता “”

” जाने क्यों “

ऐसे भी हमसे क्या कसूर होते हैं ,जिनसे प्यार हो वही हमसे दूर होते हैं ,दुनिया से क्यों करें शिकवा अब ,जाने क्यों झूठे से लगते हैं रिश्ते सब ,ऐसे भी जाने क्या मजबूरी थी ,उनकी बेवफाई से हम मशहूर होते हैं ।हाथ की लकीरों से क्या करें बंदगी ,पानी सी फिसल रही है जिंदगीContinue reading “” जाने क्यों “”

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