” मां – बाप “

जिस बच्चे को दुनिया में लाने के लिएमां सौ दुख झेलती है ,वही मां आज किसी काम की नहीं ,जो बाप बच्चे की हर सुख – सुविधा के लिएअपनी हर खुशी का बलिदान देता है ,उसे ही दुनियादारी की समझ नहीं ,जिस छोटे बच्चे की तुतलाती भाषामां-बाप झट से समझ जाते थे ,आज वही बच्चाContinue reading “” मां – बाप “”

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